Wednesday, June 9, 2010

ये मैं नहीं कहता, गीता में लिखा है


भाई को मारो हक के लिए
परिवार की मर्यादा त्यागो 
झूठ और सच का भेद मिटा दो
साम दाम दंड भेद लगा लो 
ये सब कुछ सही है, सब चलता है 
ये मैं नहीं कहता, गीता में लिखा है

तुम गुरुओं को ही सबक सिखाओ
माँ बाप को भी ज्ञान बताओ
धर्म के नाम पे नीती गाओ
हर हाल में जीतते जाओ
इश्क और मुश्क में सब चलता है 
ये मैं नहीं कहता, गीता में लिखा है

मिले जो मौका, चूक ना जाना
हर दुश्मन को मार गिरना
झुका हुआ कमज़ोर ही सही
निहत्था हो तो ताल न जाना 
युद्ध जीतना सब कुछ होता है 
ये मैं नहीं कहता, गीता में लिखा है

कदाचन ऋषि ने माँ को फल देते हुए कहा
की कर्म के रास्ते में बहुत बाधाएं हैं
अगर कठिन लग रहा हो तो खिसक ले
हर बुद्धिमान मनुष्य यही करता है
ये व्याख्या मानो या न मानो, चलता है
ये मैं नहीं कहता, गीता में लिखा है



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